राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी-2025

19 नवंबर को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी-2025 का अनुमोदन किया है।

इस नीति का प्रमुख उद्देश्य जीसीसी की स्थापना और विस्तार के के माध्यम से राजस्थान को एक वैश्विक नवाचार एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

यह नीति वर्ष 2030 तक राजस्थान में 200 से अधिक जीसीसी स्थापित करने, 1.5 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ देश के 100 अरब डॉलर के जीसीसी बाजार में महत्वपूर्ण योगदान देने के लक्ष्य पर आधारित है।

राज्य सरकार इस नीति के माध्यम से जयपुर, उदयपुर, जोधपुर जैसे शहरों को जीसीसी हब के रूप में विकसित करेगी।

इस पॉलिसी के तहत ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की स्थापना के लिए रिप्स-2024 के प्रावधानों का लाभ दिया जाएगा।

इसमें परियोजना लागत (भूमि और भवन लागत को छोड़कर) का 30% या अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक की पूंजी निवेश सब्सिडी दी जाएगी

साथ ही, भूमि या लीज एरिया की लागत का 50% (अधिकतम 1 करोड़ रुपये) तक प्रतिपूर्ति लैण्ड कॉस्ट इंसेन्टिव के रूप में भी दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों के वेतन पर पहले तीन वर्षों तक 30% (अधिकतम 1.25 लाख प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष) की पेरोल सब्सिडी दी जाएगी।

राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी-2025 में किराए पर संचालित इकाइयों को पहले तीन वर्षों तक किराए का 50% तथा अगले दो वर्षों के लिए 25% अधिकतम 5 करोड़ रुपये प्रति जीसीसी प्रति वर्ष तक रेंटल असिस्टेंस के रूप में मिलेगा।

कर्मचारियों के कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण लागत का 50% (अधिकतम ढाई करोड़ रुपये) प्रति जीसीसी प्रति वर्ष तक प्रतिपूर्ति पात्रतानुसार की जाएगी।

इसके साथ ही, पर्यावरण-अनुकूल नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन इंसेंटिव, अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में पेटेंट, कॉपीराइट आदि की लागत पर 50% सहायता, स्टांप ड्यूटी एवं बिजली शुल्क पर छूट भी दी जाएगी