माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना

इस परियोजना का शिलान्यास 25 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा नापला( बांसवाड़ा) से किया गया।

बांसवाड़ा जिले की छोटी सरवन तहसील के गाँव आड़ीभीत, बारी, कटुम्बी, सजवानिया एवं रेल में माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना स्थापित की जाएगी।

इस परियोजना की कुल क्षमता 2,800 मेगावाट होगी। इसमें 700-700 मेगावाट की 4 इकाइयां शामिल हैं। 602.72 हेक्टेयर भूमि पर संयंत्र तथा 57.43 हेक्टेयर भूमि पर कॉलोनी बनाई जाएगी।

42 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर तकनीक का उपयोग होगा।

संयंत्र के लिए जल स्रोत माही नदी (माही बजाज सागर बाँध के अपस्ट्रीम से) निर्धारित किया गया है।

परियोजना की प्रथम इकाई का वाणिज्यिक संचालन मई 2032 से प्रस्तावित है, जबकि शेष इकाइयां प्रत्येक 6 माह के अंतराल पर चालू की जाएंगी।

यह परियोजना राजस्थान की दूसरी परमाणु ऊर्जा परियोजना होगी। राज्य का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र रावत भाटा(कोटा) में है।

यह परियोजना अणु शक्ति विद्युत निगम (ASHVINI) द्वारा विकसित की जा रही है। यह NPCIL (51%) और NTPC लिमिटेड (49%) का संयुक्त उद्यम है।
माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना परमाणु ऊर्जा विस्तार के फ्लीट मोड कार्यक्रम के अंतर्गत आता है।

प्र:-(1) माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना की कुल क्षमता कितनी है?
(अ) 2500 मेगावाट
(ब) 2800 मेगावाट✅
(स) 3000 मेगावाट
(द) 1200 मेगावाट

प्र:-(2) माही बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा परियोजना की प्रथम इकाई का वाणिज्यिक संचालन कब तक प्रस्तावित है ?
(अ) मई 2030 तक
(ब) मई 2032 तक ✅
(स) मार्च 2029 तक
(द) सितंबर 2033 तक