Rajasthan Kala Sanskriti Ke 5 Top PYQs

राजस्थान कला संस्कृति: 5 महत्वपूर्ण PYQs
आचार्य मिस्कीनदास – ये दादू पंथ की ‘स्थानधारी शाखा’ से संबंधित थे (स्थापना – संत बनवारीदास जी)
मीरबख्श की चित्रकारी – 18वीं सदी का “राम, सीता, लक्ष्मण व हनुमान” का चित्र ‘उनियारा चित्रकला शैली’ (ढूँढाड़ स्कूल) का है।
कूर्मवंश यश प्रकाश – ‘लावारासा‘ नाम से भी जाने वाले इस ग्रंथ के रचयिता ‘कविया गोपालदान’ हैं।
अललपंख प्रतिमा – उड़ता हाथी (अललपंख) की यह प्रतिमा मूल रूप से ‘शाहबाद दुर्ग’ (बारां) में स्थित थी।
कुण्डी वाद्ययंत्र – यह एक ‘ताल (अवनद्ध) वाद्ययंत्र’ है, जो मिट्टी/लकड़ी और चमड़े से बना ढोल जैसा होता है।
महत्व – ये प्रश्न हालिया परीक्षाओं में पूछे गए हैं, अतः इनके दोबारा आने की प्रबल संभावना है।