Nagaur Ki Ashwagandha Ko Mila GI Tag

⁠नागौर की अश्वगंधा को GI टैग

मंजूरी7 जनवरी 2026 को केंद्र सरकार ने इसे GI टैग का दर्जा दिया।
उपलब्धि – सोजत की मेहंदी के बाद कृषि क्षेत्र में यह राजस्थान का दूसरा बड़ा GI टैग है।
स्थान – यह राजस्थान का कुल 22वां उत्पाद है जिसे GI टैग प्राप्त हुआ है।
उत्पादन – देश का 10% अश्वगंधा अकेले नागौर में उत्पादित किया जाता है।
लाभ – इससे नागौरी अश्वगंधा को अंतरराष्ट्रीय पहचान, कानूनी सुरक्षा और किसानों को उचित मूल्य मिलेगा।
आगामी – नागौर की ‘पान मेथी’ को भी GI टैग मिलने की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है।
नागौर का गौरव – यह जिला औज़ार नगरी, मीरा बाई, लाड़नू जैन विश्व भारती, तेजाजी की जन्मस्थली (खड़नाल) और रामदेव पशु मेले के लिए पहले से प्रसिद्ध है।