पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना:-

शुरुआत :- 4 जुलाई 2025

  • राज्य सरकार ने ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना’ के पहले चरण में राजस्थान के 5000 गांवों को चयनित किया है, जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े माने गए हैं। इन गांवों में 30,631 बीपीएल परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें गरीबी रेखा से ऊपर लाने के लिए सरकार ने 300 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है।
  • योजना के दूसरे चरण में भी पहले चरण की तरह 5000 गांवों को चयनित किया गया है, जहां अब तक 22,872 परिवारों का विस्तृत सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है।
  • राज्य सरकार ऐसे संघर्षशील और प्रेरणादायक परिवारों को जिन्होंने अपने प्रयासों से खुद को गरीबी रेखा से ऊपर लाकर दिखाया उन्हें 21,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेज रही है।
  • महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रति परिवार 15,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी दी जाएगी|
  • राज्य सरकार ने ‘पण्डित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गांव योजना’ को प्रभावी और परिणाममुखी बनाने के लिए एक त्रैमासिक रैंकिंग प्रणाली शुरू की है।इस रैंकिंग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जिलों को क्रमशः 50 लाख, 35 लाख और 25 लाख रुपये की आकर्षक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी