- 2 हज़ार साल पुरानी तकनीक से बना कौंडिन्य जहाज़ पोरबंदर गुजरात से ओमान की 1400 किलोमीटर दूरी तय करने वाला है।
- आपको जानकर हैरानी होगी की इसमें इंजन नहीं है फिर भी यह दूरी कौंडिन्य 15 दिन में तय करेगा।
- अजंता की गुफ़ाओ से मिले चित्र के आधार पर 2 हज़ार साल पुरानी तकनीक से इस जहाज़ को गोवा की एक कंपनी ने तैयार किया है।
- इस जहाज़ की लंबाई 65 फिट,चौड़ाई – 22 फिट,ऊँचाई – 13 फिट और वजन 50 टन है।इसका नाम महान नाविक कौंडिन्य के नाम पर रखा गया है।
- इस जहाज़ को चलाने का अनुभव नाविकों के पास नहीं होने से इसके क्रू मेम्बर्स को पिछले 6 महीने से ट्रेनिंग दी जा रही है
- इस जहाज़ में कील नहीं लगायी गई है बल्कि लकड़ी के तख्तों को नारियल की रस्सी से बांधा गया है।इसमें चौकोर सूती पाल और पैडल लगे है।इसमें न तो इंजन है और न GPS फिर भी 15 दिन में यह ओमान पहुँचेगा।29 दिसंबर को भारत के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इतनी शानदार जानकारी आपको बतायी है तो इसे सिर्फ़ आप तक सीमित मत रखना बल्कि सभी जगह साझा करना
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