राजस्थान में 2 अक्टूबर से 71 वाँ वन्य जीव सप्ताह 2025 शुरू किया गया है।
इसका शुभारंभ नाहरगढ जैविक उद्यान,जयपुर में किया गया है।इस सप्ताह के दौरान जयपुर के प्रादेशिक क्षेत्र के झालाना,आमागढ़,हाथी गाँव एवं जयपुर चिड़ियाघर में ‘स्वच्छ एवं हरित अभयारण्य अभियान’ चलाया जाएगा और मृत वन्य जीवों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
इस दरम्यान नाहरगढ बायोलॉजिकल पार्क और चिड़ियाघर में विद्यार्थियों का निःशुल्क प्रवेश रहेगा।
नाहरगढ जैविक उद्यान में 28 प्रजातिओं के वन्य जीव मौजूद है,हाल ही में यहाँ बाघिन ने एक साथ 5 शावकों को जन्म दिया है जो पूरे देश में एक साथ 5 शावकों को जन्म देने की पहली घटना है।यही पर प्रदेश में पहली बार हिप्पोपोटामस का सफल प्रजनन भी हुआ है।
साथ ही ध्यान रखे जयपुर एक मात्र ऐसा ज़िला है जिसे लायन,टाइगर और पैंथर तीनों की सफारी के लिये जाना जाता है।
यहाँ हाथी गाँव के रूप में आमेर का कुंडा गाँव जाना जाता है । जो हाथियों और महावतों के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
यहाँ का आमागढ़ क्षेत्र लेपर्ड रिज़र्व के रूप में जाना जाता है और जयपुर ज़िले का वन्य जीव शुभंकर मृग यानी चीतल(हिरण) है।